वाहन बनाने वाली कंपनियों के हितों को साध रहा है NGT: तरुण भारद्वाज

अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक तरुण भारद्वाज ने भूतल परिवहन मंत्री नितीश गडकरी को पत्र लिखकर कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पेट्रोल और डीजल वाहनों के लिए क्रमशः 10 व 15 साल के नियम किसी भी प्रकार से ना तो देश हित में है और ना ही जनता के हित में। भारत जैसा विकासशील देश में वाहनों की उमर 10 साल व पेट्रोल वाहन की 15 साल से करना, कोई भी देशवासी उचित नहीं समझता है, और ना ही मानने को तैयार है। ऐसा प्रतीत होता है कि एनजीटी ने जनता की भावना के विरुद्ध व वाहन बनाने वाली कंपनियों के हितों को साधने की कोशिश की है। उन्होंने कहा दुनिया के किसी भी देश में ऐसे नियम नहीं है अगर वाहन फिट है और प्रदूषण नहीं कर रहा है तो उसे सड़कों पर चलने की इजाजत मिलती है और इसके लिए सरकार फिटनेस चेक करवाने का नियम बना सकती है ना कि वाहन को स्क्रब करने का। एनजीटी का यह नियम ना केवल आम जनता की जेब पर भारी पड़ रहा है बलिक लाखों की तादाद में स्क्रैप किए गए वाहनों का कबाड़ करने व् डिस्पोज़ कराना भी बहुत बड़ी समस्या बन जाएगा। एक-एक पैसा जोड़कर ...