श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम🚩
🚩जय सत्य सनातन🚩
🌥️ 🚩युगाब्द-५१२४
🌥️ 🚩विक्रम संवत-२०७९
⛅ 🚩तिथि - त्रयोदशी सुबह 07:46 तक तत्पश्चात चतुर्दशी
⛅दिनांक - 12 जुलाई 2022
⛅दिन - मंगलवार
⛅शक संवत - 1944
⛅अयन - दक्षिणायन
⛅ऋतु - वर्षा
⛅मास - आषाढ़
⛅पक्ष - शुक्ल
⛅नक्षत्र - मूल रात्रि 02:21 तक तत्पश्चात पूर्वाषाढ़ा
⛅योग - ब्रह्म शाम 04:59 तक तत्पश्चात इन्द्र
⛅राहु काल - शाम 04:07 से 05:48 तक
⛅सूर्योदय - 06:03
⛅सूर्यास्त - 07:29
⛅दिशा शूल - उत्तर दिशा में
⛅ब्रह्म मुहूर्त - प्रातः 04:37 से 05:20 तक
⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:24 से 01:07 तक
⛅व्रत पर्व विवरण -
⛅ विशेष - त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
चतुर्दशी के दिन तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है ।
(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
🌹शिष्यों का अनुपम पर्व - गुरुपूर्णिमा🌹
🌹गुरुपूर्णिमा व्रत और तपस्या का दिन है । उस दिन साधक को चाहिये कि उपवास करें या दूध, फल अथवा अल्पाहार लें, गुरु के द्वार जाकर गुरुदर्शन, गुरुसेवा और गुरु - सत्संग का श्रवण करें ।
🌹इस दिन गुरुदेव की पूजा करने से वर्षभर की पूर्णिमाओं के दिन किये हुए सत्कर्मों के पुण्यों का फल मिलता है ।
🌹आज सब लोग अगर गुरु को नहलाने लग जायें, तिलक करने लग जायें, हार पहनाने लग जायें तो यह संभव नहीं है । लेकिन षोडशोपचार की पूजा से भी अधिक फल देने वाली मानस पूजा करने से तो भाई ! स्वयं गुरू भी नही रोक सकते । मानस पूजा का अधिकार तो सबके पास है । शिष्य मन - ही- मन अपने दिव्य भावों के अनुसार अपने सद्गुरुदेव का पूजन करके गुरुपूर्णिमा का पावन पर्व मना सकता है । - पूज्य बापूजी
🔹क्षमा माँगने का सही ढंग🔹
🔹 लोग बोलते हैं : ‘जाने – अनजाने में मुझसे कुछ गलती या भूलचूक हो गयी हो तो माफ़ कर देना !’
🔹 यह माफी लेने कि सच्चाई नहीं है, बेईमानी है । यह माफी माँगता है कि मजाक उड़ाता है ? ‘भूलचूक हो गयी हो तो ....’ नहीं । कहना चाहिए : ‘भूल हो गयी है, क्षमा माँगने योग्य नहीं हूँ लेकिन आपकी उदारता पर भरोसा है, आप मुझे क्षमा कर दीजिये !’ यह सज्जनता है ।
🔹ग्रहबाधा व वास्तुदोष दूर करने का अचूक उपाय
🔹 आजकल वास्तुदोष-निवारण के नाम पर तीन टांग के कछुआ, मेंढक की मूर्ति घरों में रखने का रिवाज चल पड़ा है । यह तथाकथित फेंगशुई चीनी गृहसज्जा करना है । यदि घर पर किसी भी प्रकार का वास्तुदोष है तो एक देशी गाय रख लें, समस्त वास्तुदोष दूर हो जायेंगे । यदि गाय पालना सम्भव न हो तो घर के आँगन में सवत्सा (बछड़ेवाली) गाय का चित्र लगा लें और घर में गोमूत्र या गोमूत्र अर्क का छिड़काव करें ।
🔹शनि, राहू-केतु आदि ग्रहों के दोष-निवारण के लिए प्रत्येक मंगलवार या शनिवार को अपने हाथ से आटे की लोई गुड़सहित प्रेमपूर्वक किसी नंदी अथवा गाय को खिलाएं । कैसी भी ग्रहबाधा हो, दूर हो जायेगी ।
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