श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम🚩
🚩जय सत्य सनातन🚩
⛅🚩तिथि - दशमी रात्रि 09:41 तक तत्पश्चात एकादशी
⛅दिनांक 23 जून 2022
⛅दिन - गुरुवार
⛅शक संवत - 1944
⛅अयन - उत्तरायण
⛅ऋतु - वर्षा
⛅मास - आषाढ़
⛅पक्ष - कृष्ण
⛅नक्षत्र - रेवती सुबह 06:41 तक तत्पश्चात अश्विनी
⛅योग - अतिगण्ड 24 जून प्रातः 04:53 तक तत्पश्चात सुकर्मा
⛅राहु काल - दोपहर 02:22 से 04:05 तक
⛅सूर्योदय - 05:55
⛅सूर्यास्त - 07:28
⛅दिशा शूल - दक्षिण दिशा में
⛅ब्रह्म मुहूर्त - प्रातः 04:32 से 05:13 तक
⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:21 से 01:03 तक
⛅व्रत पर्व विवरण -
⛅ विशेष - दशमी को कलंबी शाक त्याज्य है ।
(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
🔹योगिनी एकादशी 24 जून 2022🔹
🌹योगिनी एकादशी 23 जून रात्रि 09:42 से 24 जून रात्रि 11:12 तक है । एकादशी व्रत उपवास 24 जून शुक्रवार को रखें ।
🌹गुलाब चूर्ण🌹
🔹यह विटामिन ‘ए’ व ‘सी’ तथा कैल्शियम, आयरन, मैंगनीज आदि पोषक तत्त्वों स भरपूर है ।
🔹इससे नियमित मंजन करने से दाँत एवं मसूड़े मजबूत होते हैं । यह मुँह की दुर्गंध, दाँतों का हिलना, दाँतों का दर्द, मसूड़ों से खून आना, मसूड़ों की सूजन आदि दंत-रोगों में लाभदायी है ।
🔹इसके सेवन से यकृत (liver), आमाशय एवं हृदय को बल मिलता है । बढ़ती उम्र के कारण त्वचा पर आनेवाली झुर्रियाँ कम होकर त्वचा में निखार आता है ।
जोड़ों के दर्द एवं सूजन, मधुमेह (diabetes), हृदयरोग, आमाशय व्रण (peptic ulcer), दस्त, रक्तस्राव आदि रोगों में लाभदायी है ।
🔹अधिक पसीना व शरीर से दुर्गंध आने पर इसके चूर्ण से मलकर स्नान करें ।
🔹इसका धूप करने से वातावरण में ताजगी, पवित्रता एवं मस्तिष्क में स्फूर्ति का संचार होता है।
🌹गुरुवार विशेष प्रयोग🌹
🌹गुरुवार के दिन देवगुरु बृहस्पति के प्रतीक आम के पेड़ की निम्न प्रकार से पूजा करें :
🌹एक लोटा जल लेकर उसमें चने की दाल, गुड़, कुमकुम, हल्दी व चावल डालकर निम्नलिखित मंत्र बोलते हुए आम के पेड़ की जड़ में चढ़ाएं ।
🌹ॐ ऐं क्लीं बृहस्पतये नमः ।
🌹फिर उपरोक्त मंत्र बोलते हुए आम के वृक्ष की पांच परिक्रमा करें और गुरुभक्ति , गुरुप्रीति बढ़े ऐसी प्रार्थना करें । थोड़ा सा गुड़ या बेसन की मिठाई चींटियों को डाल दें ।
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