श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम
🚩जय सत्य सनातन🚩
🌥️ 🚩युगाब्द-५१२३
🌥️ 🚩 *सप्तर्षि संवत-५०९७ *🌥️ *🚩विक्रम संवत-२०७८
⛅ 🚩तिथि - चतुर्थी शाम 05:13 तक तत्पश्चात पंचमी
⛅ दिनांक 26 अगस्त 2021
⛅ दिन - गुरुवार
⛅ शक संवत - 1943
⛅ अयन - दक्षिणायन
⛅ ऋतु - वर्षा
⛅ मास - भाद्रपद
⛅ पक्ष - कृष्ण
⛅ नक्षत्र - रेवती रात्रि 10:29 तक तत्पश्चात अश्विनी
⛅ योग - गण्ड 27 अगस्त प्रातः 05:26 तक तत्पश्चात वृद्धि
⛅ राहुकाल - दोपहर 02:15 से शाम 03:50 तक
⛅ सूर्योदय - 06:21
⛅ सूर्यास्त - 18:58
⛅ दिशाशूल - उत्तर दिशा में
⛅ व्रत पर्व विवरण -
🌷 जन्माष्टमी 🌷
➡ 30 अगस्त 2021 सोमवार को जन्माष्टमी है ।
🌹 भारतवर्ष में रहनेवाला जो प्राणी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत करता है, वह सौ जन्मों के पापों से मुक्त हो जाता है | - ब्रह्मवैवर्त पुराण
🌷 गर्भवती देवी के लिये–जन्माष्टमी व्रत 🌷
👩🏻 जो गर्भवती देवी जन्माष्टमी का व्रत करती हैं..... उसका गर्भ ठीक से पेट में रह सकता है और ठीक समय जन्म होता है..... ऐसा भविष्यपुराण में लिखा है |
🌷 हजार एकादशी का फल देनेवाला व्रत 🌷
🌹 जन्माष्टमी के दिन किया हुआ जप अनंत गुना फल देता है । उसमें भी जन्माष्टमी की पूरी रात, जागरण करके जप-ध्यान का विशेष महत्व है ।
🌹 भविष्य पुराण में लिखा है कि जन्माष्टमी का व्रत अकाल मृत्यु नहीं होने देता है । जो जन्माष्टमी का व्रत करते हैं, उनके घर में गर्भपात नहीं होता ।
🌹 एकादशी का व्रत हजारों - लाखों पाप नष्ट करनेवाला अदभुत ईश्वरीय वरदान है लेकिन एक जन्माष्टमी का व्रत हजार एकादशी व्रत रखने के पुण्य की बराबरी का है ।
🌹 एकादशी के दिन जो संयम होता है उससे ज्यादा संयम जन्माष्टमी को होना चाहिए ।
बाजारु वस्तु तो वैसे भी साधक के लिए विष है लेकिन जन्माष्टमी के दिन तो चटोरापन, चाय, नाश्ता या इधर - उधर का कचरा अपने मुख में न डालें ।
🌹 इस दिन तो उपवास का आत्मिक अमृत पान करें ।अन्न, जल, तो रोज खाते - पीते रहते हैं, अब परमात्मा का रस ही पियें । अपने अहं को खाकर समाप्त कर दें।
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