नारायण! नारायण !!

दिल्ली स्थित कांग्रेस पार्टी कार्यालय के कामकाज की शैली में हमेशा से ही सुर्खियों में  रहा है। मदमस्त कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय में ही अपनी दुकान चलाते हैं, छोटे से छोटे कार्यकर्ता भी अपने-अपने आपको 'पावर ब्रोकर' से कम नहीं समझते है। 

राष्ट्रीय पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय में पार्टी ने अभी हाल ही में एक नया विभाग बनाया, उद्देश्य था 16 करोड  कामगारों को अपना वोटर बनाना, यह उद्देश्य तो शायद पूरा नहीं हुआ उल्टा कुछ कार्यालय में बैठने वालों ने राष्ट्रीय चेयरमैन के कार्यालय को दुकान में तब्दील कर दिया और शुरू कर दी हर नियुक्ति पर उगाही . 

चेयरमैन साहब को जब मालूम चला, कार्यवाही की, तो उल्टा चेयरमैन साहब पर शोषण वा गंदी बातें करने का आरोप लगाकर आला पदाधिकारियों को शिकायत भेज दी . इस आरोप से सकते में आए राष्ट्रीय अध्यक्ष सफाई देते घूम रहे हैं, वहीं आरोपी भी अपनी बात पर टिके हुए हैं और इन पर कार्यवाही की मांग पर अड़ गए हैं . 

राष्ट्रीय अध्यक्ष की हालत देखकर कहावत चरितार्थ होती है "हमें तो अपनों ने लूटा, हम जहां  डूबे----" 

नटखट नारद !!

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

ज़रूरतमंद लोगों तक यथासंभव तथा यथाशीघ्र सहायता पहुंचाई रिमोना सेनगुप्ता ने

'कमिश्नरी' बनने के बाद क्राइम में कमी नहीं आई:तरुण भारद्वाज

बुजुर्गों का सम्मान!

कर्मचारियों एवं मजदूरों को अपना जीवन यापन में समस्या का सामना न करना पड़े: DM

नोएडा: अनुमति के बाद भी शुरू नहीं हो पाएंगी फ़ैक्टरिया

Oil & Gas: Pre Budget Reflections

पिता पुत्र का अनोखा रिश्ता