कुछ सज्जनों का हृदय देश, स्वजनों
और मानवता के लिए सदैव ही धड़कता रहता है। उनका जीवन और प्रत्येक सांस
मानवता के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। पूर्वी लंदन में यूनाइटेड किंगडम की
राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा(NHS, UK) में एक पेशेवर की तरह कार्य करने वाली डॉक्टर
रिमोना
सेनगुप्ता एक ऐसा ही व्यक्तित्व हैं | इनका जन्म UK व् पालन-पोषण भारत में हुआ और इनका वर्तमान
में भी मित्रों व् परिवार के माध्यम से भारत से सम्बन्ध, “एक बड़ वृक्ष की जड़ों के
सामान” अभी भी गहराई से जुड़ा हुआ है| इनकी वर्तमान नौकरी की भूमिका के कारण इन्हें
अस्पताल में भर्ती होने से बचने के लिए घरेलू उपचार दलों के साथ रोगी के स्वास्थ्य
देखभाल करने की एक उत्तम अंतर्दृष्टि हैं |

हम सभी भारत में
कोविड के कारण उत्पन्न हुई भयवाह स्थिति
से पूर्णतः अवगत हैं तथा इस दूसरी लहर में विगत कुछ सप्ताह में ऑक्सीजन की कमी, अस्पताल में शैय्या(बेड) की कमी या दवाईओं की
कमी से अवगत हैं और इनसे बढ़ते संकट की रिपोर्टें विभिन्न संचार माध्यमों से सुनी, देखी एवं पढ़ी हैं| ऐसी ही परिस्थियों में डॉ रिमोना जैसे
व्यक्तित्व आगे आते हैं जो भारत में इस विकट आपदाकाल में एक सच्चे भारतीय की तरह
अपने तन, मन व् धन से
अपने को समर्पित कर देते हैं और वैसा ही डॉ रिमोना ने किया | उन्होंने इस आपदाकाल में विदेश में रहते हुए भी,
विभिन्न
सामाजिक माध्यमों जैसे व्हाट्सअप्प, फेसबुक, एवं अन्य माध्यमों से देश-विदेश के बहुत से
परिचित एवं अपरिचित जनों को जोड़कर आपदाग्रस्त तथा ज़रूरतमंद लोगों को सहायता
पहुँचाने के उत्तरदायित्व अपने कन्धों पर उठाया |
भारत में कोविड
की दूसरी लहर में सबसे अधिक आवश्यकता ऑक्सीजन सिलिंडर,
ICU बेड, रेमेडीसीवीर इंजेक्शन,
प्लाज़्मा और अन्य दवाईयों की थी जिसके लिए लोग संघर्ष कर
रहे थे| डॉ रिमोना के बनाये ग्रुप्स और टीम ने यह सुनिश्चित किया
कि ज़रूरतमंद लोगों तक यथासंभव तथा यथाशीघ्र सहायता पहुंचे|
इस आपदाकाल में यह एक दुष्कर कार्य था कि ज़रूरतमंद लोगों तक
पहुँचने वाली जानकारी जैसे संपर्क मोबाइल नंबर चाहे वो व्यक्तिगत हों, किसी संस्था के हों (जैसे हॉस्पिटल, ब्लड बैंक, और गैर लाभकारी संगठन ) वो सहीं हों ताकि लोग समय
से सहायता प्राप्त कर सकें ना कि पहले इन सब को सत्यापित करने में समय व्यर्थ करें| डॉ रिमोना व् उनकी टीम ने किसी भी जानकारी को
साझा करने से पूर्व विदेश से भी व्यक्तिगत रूप से स्वयं सम्पर्क करके उनको
सत्यापित किया और तब साझा किया| उन्होंने व् उनकी टीम ने यह सुनिश्चित किया कि
न केवल महानगरों बल्कि दूरदराज के गांवों तथा कस्बों तक भी ज़रूरतमंद लोगों तक किसी
भी प्रकार की सहायता जैसे ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर, ऑक्सीजन सिलिंडर, आवश्यक दवाईयां यथाशीघ्र समय पर पहुँच सकें | उनकी टीम ने यह भी सुनिश्चित किया कि ज़रूरतमंद
किसी भी प्रकार से मुर्ख न बनाएं जाएं या ठगे न जाएँ|
यहाँ निधि
तिवारी, अनुपमा धवन व वंदना खुराना का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं जिन्होंने
व्हाट्सअप्प ग्रूप्स के ऐड्मिन के तौर पर सराहनीय कार्य किया। निधि तिवारी
ने धरातल पर काम कर रहे व्यक्तियों और समूहों से व्यक्तिगत रूप से सम्पर्क किया,
सामाजिक माध्यमों से मिलने वाले संपर्क सूत्रों जो कि किसी हॉस्पिटल का या फ़ार्मेसी
का हो या ऑक्सिजन कॉन्सेंट्रेटर, या फिर कोरोना पीड़ितों के परिवार या सहायता करने
वालों से संपर्क करके सटीक व् यथाशीघ्र जानकारी साझा करनी हो यह उत्तरदायित्व बहुत
भी कुशलता के साथ निभाया| टीम की एक सक्रिय सदस्य के रूप में उनका कार्य
अत्यंत ही प्रशंसनीय व सराहनीय रहा है।
स्वयंसेवकों की
इस टीम में देश के विभिन्न स्थानों को प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्य हैं जिनमें से
कुछ लंदन में हैं और कुछ भारत से ही जुड़े हुए हैं, जैसे नॉएडा निवासी मौली
दुबे (ज्योतिषाचार्या), निशांत दुबे(आईटी प्रफ़ेशनल), मोनिका हांडू
(बैंक में फ़ायनैन्शल क्राइम कम्प्लाइयन्स अधिकारी) तथा वंदना (यह सभी
वर्तमान में लंदन में हैं), न केवल नॉएडा अपितु ओड़िसा, बंगाल, पंजाब, हैदराबाद,
चेन्नई, तथा मुंबई से जुड़े हुए लोग हैं। इन सभी ने इस ग्रूप को सुचारु रूप से
चलने व लोगों की सहायता करने में विशेष योगदान दिया।
चूँकि वर्तमान
में डॉ रिमोना एक ऐसी भूमिका राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा(NHS, UK) में निभा रहीं है जहाँ वह रोगी को हॉस्पिटल में
भर्ती होने से बचने के लिए घरेलू उपचार ही बताती हैं और उनके इस अनुभव का लाभ वर्तमान परिस्थिति में हुआ
और जहाँ भी आवश्यकता पड़ी कि किसी कोरोना पीड़ित को अगर घरेलु उपचार या घर पर ही स्वास्थ्य लाभ
के लिए ही परामर्श दिया जा सके तो उन्होंने समय पर उपयोगी आवश्यक परामर्श दिया| जन मानस में बहुत सी भ्रांतियां थी जिनको दूर
करने के लिए भी उन्होंने अपने प्रयास किये| उनकी टीम ने भी सही जानकारी के प्रचार प्रसार
में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई| उन्होंने और उनकी टीम ने न केवल उन विकट
परिस्थितियों में आपदाग्रस्त लोगों की सहायता कि अपितु उनसे जुड़े हुए सभी लोगों को
मानसिक या भावनात्मक रूप से सुदृण रहने के लिए एक दूसरे को सहयोग दिया|
डॉ रिमोना पूरे भारत में मित्रों और सहकर्मियों के साथ
संपर्क में हैं जिन्होंने उपकरणों को वितरित करने, स्वास्थ्य पेशेवरों के साथ संपर्क करने और घर
पर कोविड रोगियों की निगरानी करने का
स्वामित्व लेने के लिए सहमति व्यक्त की है। डॉ रिमोना व् उनकी टीम ने लंदन से भारत
ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर भेजने में लोगों की सहायता की जिसमें उन्होंने लोगों को
ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर की बारीकियों को समझाया ताकि लोग सही स्तर का तथा आवश्यकता
अनुरूप भेज सकें|
अभी भी जब
स्थितियां जब थोड़ी सामान्य हो चली हैं परन्तु कुछ और समस्यायें मुंह बाएं खड़ी हैं
जैसे कुछ कोरोना पीड़ित कोरोना से ठीक होने के बाद ब्लैक फंगस या अन्य किसी जानलेवा
स्वास्थ्य समस्या से ग्रस्त हैं तो अभी उनकी सहायता के लिए भी अभियान चल रहा है| न वह रुकीं हैं और न उनकी टीम| अभी भी वह और उनकी टीम छोटे शहरों, गांवों, व् कस्बों में सहायता कार्य में संलग्न हैं|
इन सभी के
अतिरिक्त वह जन-सहयोग से धन एकत्र करने का अभियान भी चला रही हैं ताकि वर्तमान में
या भविष्य में आपदाग्रस्त व् ज़रूरतमंद लोगों की आवश्यकता जैसे ऑक्सीजन
कॉन्सेंट्रेटर, दवाईयों के लिए सहायता प्रदान की जा सके| कोरोना के कारण कुछ ऐसे परिवार भी हैं जहाँ एक
मात्र जीविकोपार्जन सदस्य को काल ने छीन लिया और अब ऐसे परिवारों व सदस्यों को आर्थिक
रूप से सहायता की आवश्यकता है| डॉ रिमोना व उनकी टीम ने इस जन सहयोग से एकत्र
होने वाले धन से ऐसे परिवारों के सहायता का लक्ष्य भी रखा है| देश विदेश से परिचित एवं अपरिचित भी इस पुण्य
कार्य में पूर्णतः सहयोग कर रहे हैं और डॉ रिमोना एवं उनकी टीम अपने संभावित
लक्ष्य के बहुत ही निकट हैं| डॉ रिमोना के इस पुनित कार्य में सहयोग के लिए डेविड (लंदन), आर्ची दासगुप्ता (ग्लोबल पी॰एल॰सी॰
हैदराबाद) व शुभादीप दत्ता गुप्ता (Norwich) का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है जो धन
एकत्र करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। संतानु घोष (खेल्दुआर
फ़ाउंडेशन) भी इस मुहिम में मेडिकल उपकरण के वितरण में व धन एकत्रीकरण करने में एक
बहुत ही सराहनीय एवं प्रशंसनीय कार्य कर रहे हैं।
यद्यपि भारत में
कोरोना की परिस्थियाँ अभी नियंत्रण में हैं परन्तु अभी भी बहुत से ऐसे क्षेत्र हैं
जहाँ लोग मूल सुविधाओं से वंचित हैं जिस पर डॉ रिमोना व् उनकी टीम कार्य कर रही है| जहाँ भी लोग उनक प्रयासों से लाभान्वित हैं वो
उनको ह्रदय से धन्यवाद दे रहे हैं और प्रशंसा कर रहे हैं|
डॉ जुबैर आलम
जिला बागपत उत्तर प्रदेश भारत से कहते हैं "मैं आपको और आपके समूह के सभी
सदस्यों को धन्यवाद बोलना चाहता हूं आप लोग जो ये मदद कर रहे हैं .. जरूरतमंदों के
लिए यह बहुत है 🙏, आपके फंड से या हम अपने फंड से मिलाकर चिकित्सा
शिविर, मुफ्त दवा लोगो को उपलब्ध कराते हैं."
ऐसा भी नहीं है कि
यह सहायता भारत के कुछ भी भागों में है अपितु भारत के हर भाग चाहे उत्तर हो या
दक्षिण, पूर्व हो या पश्चिम यह सभी स्थानों के लिए की
जा रही है| एक प्रकार से डॉक्टर सेनगुप्ता एवं उनकी टीम "#एकभारतश्रेष्ठभारत" के विचार को सुदृढ़ करने की ओर कार्य कर रही है
जहाँ चाहे महानगर हो या गांव, क़स्बा हो या छोटा शहर|
डॉ रिमोना न केवल
इस स्वेच्छा से लिए गए उत्तरदायित्व का निर्वाहन कर रही हैं अपितु वह अपनी
दिनचर्या में अपनी डॉक्टरी पेशे के प्रति भी पूर्णतः समर्पित हैं जो इनको न केवल
बहुमुखी प्रतिभा का धनी बनाता है अपितु जन मानस को प्रेरित करता है कि अगर इच्छा
हो और लगन हो तो आप संसार के किसी देश में हों, या चाहे अपने देश में हों, कैसी भी
परिस्थितियाँ हो आप देशवासियों की सहायता कर सकते हैं|
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