कोरोना संक्रमित 58% मरीज 18 से 44 साल के

 मध्यप्रदेश में कोरोना की रफ्तार काबू में आ गई है। हर रोज मिलने वाले संक्रमितों का आंकड़ा 2 हजार से नीचे आ गया है। प्रदेश में कोरोना की स्थिति पर 4 स्टडी सरकार को सौंपी गई हैं। एक स्टडी में पाया गया है कि कोरोना की दूसरी लहर के अंतिम पड़ाव यानी मई में मिले संक्रमितों में 58% मरीज 18 से 44 साल की उम्र के हैं। पहली लहर के आखिरी समय यानी जनवरी में यह आंकड़ा 49% था। इसी तरह 18 से कम उम्र के संक्रमित 6% से बढ़कर 7% हो गए हैं। हालांकि 60 साल से ज्यादा उम्र वालों के मामलों में कमी आई है।

MP के स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 24 घंटे में 1 हजार 640 केस मिले। 22 मई से 28 मई बीच 18,590 पॉजिटिव केस मिले। अप्रैल के पहले सप्ताह में यह आंकड़ा 18 हजार 168 था। पहली रिपोर्ट IIT कानपुर और IIT हैदराबाद की है। इसमें बताया गया कि मध्यप्रदेश में 15 जून तक हर दिन कोरोना के 1500 पाॅजिटिव केस आएंगे। वहीं, दूसरी रिपोर्ट सेंटर फॉर मैथमेटिकल मॉडलिंग फॉर इनफेक्शियस डिजीज ने बताया कि आगामी दिनों में नए केसों की संख्या 500 से 1400 तक रहेगी।

तीसरी रिपोर्ट इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मैट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन की है। इसके अध्ययन में बताया गया कि यदि शत-प्रतिशत व्यक्ति मास्क पहनते हैं तो आगामी एक सितंबर तक प्रकरणों की औसत संख्या 2400 प्रतिदिन रहेगी।

वहीं, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बैंगलोर के तुलनात्मक अध्ययन में इस बात पर विशेष जाेर दिया गया है कि आने वाले समय में भी संक्रमण को रोकने के लिए मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्य करना होगा। इस संस्थान ने वैक्सीनेशन तेजी से करने की सरकार को सलाह दी है। बता दें कि चारों संस्थानों ने अपनी रिपोर्ट मध्यप्रदेश सरकार को सौंपी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने इसका प्रजेंटेशन भी किया।

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