सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट:दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर याचिकाकर्ता पर 1 लाख का जुर्माना लगाया

 सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर रोक लगाने की याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट के फैसले के बाद केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने प्रेस कांफ्रेंस कर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सेंट्रल विस्टा में 2 प्रोजेक्ट चल रहे हैं, इसमें से एक संसद की नई बिल्डिंग के निर्माण से जुड़ा है तो दूसरा सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट है। इन दोनों में कुल मिलाकर 1300 करोड़ रुपए का खर्च आ रहा है।

विपक्ष इस पर सवाल उठा रहा है, कह रहा है कि इस प्रोजेक्ट को रोककर उन पैसों से वैक्सीन खरीदनी चाहिए। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि इस प्रोजेक्ट का वैक्सीन पॉलिसी से कोई लेना देना नहीं है। उसके लिए 35 हजार करोड़ का बजट रखा गया है। वैक्सीनेशन प्रोग्राम के लिए पैसे की कमी नहीं है। पुरी ने महाराष्ट्र में बन रहे सचिवालय पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि वहां सचिवालय और विधायकों के लिए निवास बन रहे हैं, उसमें 900 करोड़ खर्च हो रहे हैं, जबकि ये तो देश की संसद से जुड़ा मसला है। संसद में सदस्यों की संख्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। जब तय सीटों से ज्यादा सदस्य हो जाएंगे, तब हम क्या करेंगे?

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