श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम

🚩जय सत्य सनातन🚩

🌥️ 🚩युगाब्द-५१२३ 

🌥️ 🚩सप्तर्षि संवत--५०९७⛅--🚩विक्रम संवत-२०७८

⛅ 🚩तिथि - नवमी रात्रि 12:35 तक तत्पश्चात दशमी

⛅ दिनांक 21 अप्रैल 2021

⛅ दिन - बुधवार

⛅ विक्रम संवत - 2078

⛅ शक संवत - 1943

⛅ अयन - उत्तरायण

⛅ ऋतु - ग्रीष्म 

⛅ मास - चैत्र

⛅ पक्ष - शुक्ल 

⛅ नक्षत्र - पुष्य सुबह तक 07:59 तत्पश्चात अश्लेशा

⛅ योग - शूल शाम 06:43 तक तत्पश्चात गण्ड

⛅ राहुकाल - दोपहर 12:37 से दोपहर 02:13 तक 

⛅ सूर्योदय - 06:16 

⛅ सूर्यास्त - 18:58 

⛅ दिशाशूल - उत्तर दिशा में

⛅ व्रत पर्व विवरण - श्रीराम नवमी, चैत्र नवरात्र समाप्त, हरिद्वार कुंभ स्नान

 💥 विशेष - नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)


🌷 ज्योतिष शास्त्र 🌷

🚩  (21 अप्रैल, बुधवार) श्रीराम नवमी का पर्व है।  त्रेता युग में इसी दिन भगवान श्री रामजी का जन्म हुआ था। इसलिए भारत सहित अन्य देशों में भी हिंदू धर्म को मानने वाले इस पर्व को बड़ी धूम-धाम से मनाते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से हर इच्छा पूरी हो सकती है। 

🚩 श्रीराम नवमी की सुबह किसी राम मंदिर में जाकर राम रक्षा स्त्रोत का 11 बार पाठ करें ।हर समस्याओं का समाधान हो जाएगा ।

🚩 दक्षिणावर्ती शंख में दूध व केसर डालकर श्रीरामजी की मूर्ति का अभिषेक करें ।इससे धन लाभ हो सकता है ।

🚩 इस दिन बंदरों को चना, केले व अन्य फल खिलाएं ।इससे आपकी हर मनोकामना पुरी हो सकती है ।

🚩 श्रीराम नवमी की शाम को तुलसी के सामने गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाएं । इससे घर में सुख-शांति रहेगी ।

🚩 इस दिन भगवान श्रीरामजी को विभिन्न अनाजों का भोग लगाएँ और बाद में इसे गरीबों में बांट दें ।इससे घर में कभी अन्न की कमी नहीं होगी ।

🚩 इस दिन भगवान श्रीरामजी के साथ माता सीता की भी पूजा करें ।इससे दांपत्य जीवन सुखी रहता है ।

🚩 किसी भगवात श्रीरामजी के मंदिर के शिखर पर ध्वजा यानी झंडा लगवाएं ।इससे आपको मान-सम्मान व प्रसिद्धि मिलेगी ।


🌷 धर्मराज दशमी 🌷

🚩 विष्णु धर्मोत्तर ग्रंथ में बताया है कि  जिनके परिवार में ज्यादा बीमारी .....जल्दी-जल्दी किसी की मृत्यु हो जाती है वे लोग शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन  (दशमी तिथि के स्वामी यमराज है मृत्यु के देवता | ) यानी 22 अप्रैल 2021 गुरुवार को भगवान धर्मराज यमराज का मानसिक पूजन कर और हो सके तो घी की आहुति दे |    

🚩 एक दिन पहले से हवन की छोटी सी व्यवस्था कर लेना घी से आहुति डाले इससे दीर्घायु, आरोग्य और ऐश्वर्य तीनों की वृद्धि होती है विष्णु धर्मोत्तर ग्रंथ में बताया है | आहुति डालते समय ये मंत्र बोले–

💥 [ ध्यान रखे जिसके घर में तकलीफे है वो जरुर आहुति डाले और डालते समय स्वाहा बोले और जो आहुति न डाले तो वो नम: बोले |   ]

🌷 ॐ यमाय  नम:

🌷 ॐ धर्मराजाय  नम: 

🌷 ॐ मृत्यवे नम:

🌷 ॐ अन्तकाय  नम:

🌷 ॐ कालाय  नम:

🔥 ये पाँच मंत्र बोले ज्यादा देर तक आहुति डाले तो भी अच्छा है |

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