शराब माफिया को संरक्षण में पूर्व थाना प्रभारी समेत तीन दरोगा निलंबित

फतेहपुर। मिलावटी शराब का काला कारोबार करने वाले माफिया पर गाजीपुर थाने की पुलिस का संरक्षण रहा। लॉकडाउन के दौरान 11 मई 2020 को थाना क्षेत्र के शाखा गांव से भारी मात्रा में बरामद बीयर व देसी शराब मामले पर माफिया सीमू सिंह व दिनेश सिंह पर मुकदमा हुआ। लेकिन विवेचना में पुलिस ने उसे क्लीन चिट दे दी। भौली गांव के शराब प्रकरण में माफिया की भूमिका मिलने पर एसपी सतपाल अंतिल ने जांच कराई तो पुलिस से गठजोड़ का पर्दाफाश हुआ है। एएसपी की जांच रिपोर्ट पर एसपी ने तत्कालीन थाना प्रभारी हल्का इंचार्ज व विवेचक दरोगा को निलंबित कर दिया। गाजीपुर थाना क्षेत्र के भौली गांव में 12 मार्च को मिलावटी शराब पीने से भी दो मजदूरों की मौत हो गई थी। जबकि 15 बीमार हो गए थे। जांच में पता चला कि अंग्रेजी शराब ठेकेदार सीमा सिंह साथियों की मदद से मिलावटी शराब गांव गांव पहुंच जाती था। मजदूरों को शराब बेचने वाले इंद्र गांव में इलेक्ट्रॉनिक दुकानदार संतोष लोधी को मिलावटी शराब संघ पकड़ा तो उसने सीमू के शराब पहुंचाने का राज खोला। इस पर पुलिस की भूमिका को लेकर एसपी ने एएसपी राकेश कुमार से जांच कराई तो पता चला कि 11 मई को हुए मुकदमे पर माफिया को गाजीपुर पुलिस का संरक्षण न मिलता तो शायद यह घटना नहीं होती। पुलिस के संरक्षण में माफिया मिलावटी शराब का काला कारोबार गांव गांव तक फैलाया था। एसपी ने बुधवार देर शाम हथगांव थाने के दरोगा बाद तत्कालीन थाना प्रभारी आशीष सिंह व उस समय हल्का इंचार्ज रहे एएसआई जाफर गंज सुरेश तिवारी को निलंबित कर दिया है। 

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