24 साल की लेखा अल खोली बनीं मिस्र की पहली महिला मोटर मैकेनिक
मिस्र में लेखा अल खोली के पापा जब अपनी कार रिपेयर वर्कशॉप के लिए सामान लेने जाते तो अपने साथ लेखा को भी ले जाते। इस बीच कई बार वे प्यार से लेखा के चेहरे पर इंजिन ऑइल लगा देते। ये कभी लेखा के पापा ने भी नहीं सोचा होगा कि एक दिन यही बेटी बड़े होकर मैकेनिक बन जाएगी। आज 24 साल की लेखा मैकेनिक बनकर कार के पुर्जों को ठीक करते हुए देखी जा सकती है।
वे एक दशक से भी अधिक समय से मिस्र के एसना गांव में रहते हुए ये काम कर रही हैं। वे मिस्र की पहली महिला मोटर मैकेनिक हैं। इस महीने लेखा ने लग्जर में अपना खुद का कार मेंटेनेंस सेंटर खोला है। वे ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को इस क्षेत्र में लाने का प्रयास कर रही हैं। खासतौर से वे महिलाएं जिन्हें पारिवारिक दबाव के चलते अपने करिअर चुनने की आजादी नहीं मिलती।
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