फोनरवा : आजीवन व संस्थापक सदस्यों को हटाने का मामला, अध्यक्ष व महासचिव को नोटिस
नोएडा। फोनरवा के आजीवन एवं संस्थापक सदस्यों को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। बीते दिनों कार्यकारिणी की बैठक में आजीवन और संस्थापक सदस्यों के मत के अधिकार को ध्वनि मत से खारिज कर दिया गया था। वही दूसरे गुट की शिकायत पर मेरठ स्थित डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय के इस संबंध में फोनरवा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा और महासचिव केके जैन को नोटिस जारी कर 2 सप्ताह में जवाब मांगा है।
कार्यकारिणी की बैठक के बाद फोनरवा के दोनों गुटों के मतभेद सामने आ गए हैं। शिकायत करने वाले गुट ने कार्यकारिणी की बैठक को गैरकानूनी बताया है। इस संबंध में रविवार को एक प्रेस वार्ता की आयोजित की गई। इसमें शिकायतकर्ता व संस्थापक सदस्य पीसी जैन ने आरोप लगाया कि कार्यकारिणी की बैठक नियम विरुद्ध आयोजित लगाया की कार्यकारिणी की बैठक नियम विरुद्ध आयोजित की गई थी । बैठक में लिए गए निर्णय भी गलत है। संस्थापक सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने का प्रस्ताव न तो कार्यकारिणी की बैठक के पास किया गया और न ही जनरल बोर्ड की बैठक में रखा गया। पहले बैठक सेक्टर-52 स्थित कार्यालय में बुलाई गई। समय नजदीक आने पर बैठक का स्थान बदल दिया गया। यह नियमों के विरुद्ध है। वही फोरनेवा के महासचिव केके जैन का कहना है कि बैठक में नियमों के अनुसार ही निर्णय लिए गए हैं। डिप्टी रजिस्ट्रार के पत्र का नियम अनुसार जवाब दिया जाएगा।
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