कांग्रेस का स्थापना दिवस और राहुल इटली में!

एक बार फिर से राहुल गांधी ने देशवासियों को दिखा दिया कि वे भारतीय राजनीति के कितने गंभीर खिलाड़ी हैं। कांग्रेस के नेता व नेहरू गांधी परिवार के वारिस किसान आंदोलन के बीच रविवार को निजी दौरे पर एक बार फिर से चले गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार कांग्रेस के फिर से होने वाले अध्यक्ष रविवार सुबह मिलान के लिए  रवाना हो गई, जबकि सोमवार को उसी कांग्रेस का 136  वा  स्थापना दिवस है जिसके अध्यक्ष बनने को आतुर हैं। 

देश के इतिहास में देश को शायद ही इतना गंभीर नेता मिला है। गौरतलब है कि भाजपा सरकार पर किसानों को लेकर दे दनादन ट्वीट करने वाले राहुल गांधी की गंभीरता इसी बात से नजर आती है कि वे ना केवल किसानों के आंदोलन के बीच  अपनी नानी के घर के लिए रवाना हुए बल्कि सोमवार को उनकी ही पार्टी कांग्रेस का 136 वा स्थापना दिवस भी है जिसके एक बार फिर से अध्यक्ष बनने को आतुर है। 

खुद कांग्रेस के तमाम कार्यकर्ता व पदाधिकारी पूर्व अध्यक्ष के रवैये और कांग्रेस के भविष्य के लिए चिंतित हैं। देखा जाए तो कांग्रेस के भविष्य से ज्यादा चिंता उन्हें अपने भविष्य की है, जो उन्हें युवराज की हरकतों के चलते अंधकार में दिखाई दे रहा है। वहीं कांग्रेस पार्टी के कुछ चमचे  नेता पूर्व अध्यक्ष की इटली रवानगी को लेकर बचाव के लिए सामने आए हैं। कुछ ही समय पहले कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बयान के  दिखाया था कि "पार्टी में ऐसे पदाधिकारी व नेता भी मौजूद हैं जो उनका  पेशाब  पीने को तैयार रहते हैं" शायद ऐसे ही नेता उनका बचाव कर रहे हैं। 

हर 2 माह के बाद  अय्याशी के लिए छुट्टी पर जाने वाले नेता के कारण ही कांग्रेस ऐसी स्थिति में हैं कि पूरी तरह विपक्ष भी नहीं बन पाई। आज कांग्रेस ना तो संसद की में विरोध करने की स्थिति है और ना ही सड़कों पर। लगभग हर चैनल और हर समाचार पत्र में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष की जरूरत के समय देश में जाने की खबर पर संपादकीय लिखे हैं और जमकर इसकी निंदा भी की है, लेकिन ना तो कांग्रेसी पार्टी के इस नेता के कान पर जूं रेंगती नजर आती है और ना ही उन चमचों पर जिन्हे पेशाब पीने की आदत पड़ गई है। 

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