बिहार की तरह ओवैसी फैक्टर काम करेगा या कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन पड़ेगा भारी

पश्चिम बंगाल में चुनाव की तारीखें अब नजदीक आ रही हैं। अगले साल अप्रैल मई में रणभेरी बजेगी। हाल ही में हुए बिहार चुनाव जीतने के बाद भाजपा का मनोबल हाई है। अब उसके सामने पश्चिम बंगाल में तृणमूल का किला ढहाने की चुनौती है। उसके बड़े नेताओं ने बंगाल में डेरा जमा लिया है। वहीं TMC भी भाजपा पर वार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। इस बीच कांग्रेस और लेफ्ट पार्टी ने भी अपने गठबंधन का ऐलान कर दिया है। यानी पश्चिम बंगाल में इस बार TMC, भाजपा और लेफ्ट-कांग्रेस गठबंधन के बीच मुकाबला त्रिकोणीय होने जा रहा है। 

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