आज बैकुंठ चतुर्दशी का पावन पर्व है
आज बैकुंठ चतुर्दशी का पावन पर्व है कहते हैं देवाउठनी एकादशी को विष्णु भगवान चार माह के बाद अपनी योग निद्रा से जागे थे और आज के ही दिन भगवान शिव ने उनको जगत संचालन का कार्यभार वापस सौंपा था ……
जगत पालनहारे भगवान विष्णु के वापस पद संभालने की खुशी में अगले दिन अर्थात कार्तिक पूर्णिमा को सभी देवताओं द्वारा उत्सव मनाया गया जिसे देव-दीपावली कहते हैं ……
आज अपने प्रभु से अतीत के और संभावित अपराधों की अग्रिम क्षमा याचना के साथ- जीवन के समस्त उत्तरदायित्वों, कर्तव्यों का नीतिपूर्वक, धर्मसंगत संपादन करने अलौकिक प्रार्थना के साथ ……
श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम
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