वीरता पुरस्कार से सम्मानित एएसआई रंगदारी मामले का मास्टरमाइंड, निलंबित
नई दिल्ली। बहादुर के लिए वीरता पुरस्कार से सम्मानित एएसआई राजवीर सिंह कारोबारी से रंगदारी मांगने मास्टर माइंड निकला। पुलिस ने हौजखास में रियल एस्टेट कारोबारी से 2 करोड़ रूपये की रंगदारी मांगने का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। फिलहाल उसे निलंबित कर दिया है और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वह पीड़ित कारोबारी को मामा कहता था और पिछले 15-16 वर्षों से उसके घर आना-जाना था। इस मामले में चार बदमाश पहले गिरफ्तार हो चुके हैं। हौजखास में रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी से अज्ञात शख्स ने 28 जून को फोन कर रंगदारी मांगी थी। फोन करने वाले ने खुद को गैंगस्टर प्रमोद उर्फ काला बताया था। जांच शुरू की तो पता लगा कि जिस मोबाइल फोन से कॉल की गई थी वह रोहतक निवासी राममूर्ति से 27 जून को छीना गया था। रंगदारी के लिए राममूर्ति के सिम का ही इस्तेमाल किया था। इस फोन मुकेश ने सावन से लेकर हरियाणा के गैंगस्टर प्रमोद उर्फ काला को दिया था। काला ने बताया कि कारोबारी से रंगदारी मांगने के लिए एएसआई राजवीर सिंह ने कही थी।
टिप्पणियाँ