शबरी
सुभ्रा की 8 वर्षीय बेटी अत्यंत मेधावी और स्मार्ट थी।1 दिन पड़ोस की मिसेज तिवारी उनसे मिलने आई। उस समय मीरा ड्राइंग रूम में बैठी टीवी देख रही थी। उसके दोनों हाथों में एक-एक अमरुद था। अरे वाह अमरुद मैसेज तिवारी चहकी और बाई हथेली की ओर संकेत करती बोली, यह वाला हमें दे दो हम खाएंगे एक मिनट का मौन रहा फिर मेरा उस अमरुद पर दांत गड़ा बैठी धत्त तेरे की मैसेज तिवारी हंसी अच्छा चलो वह दूसरा वाला ही दे दो ना फिर से एक क्षण का मौन मोटी मोटी आंखों को नाचती मीरा उस अमरुद को भी मुंह तक लाई और उस पर भी दांत गड़ा दिए। नॉटी गर्ल। तिवारी लहराती किचन की और गई जहां सुबह चाय बना रही थी। देख तेरी इस्मार्ट बेटी की करतूत अमरुद मांगा तो देने की बजाय दोनों पर दांत गड़ा दिए, हा हा हा अभी मेरा दौड़ते हुए। किचन में आई और दूसरी दूसरा वाला अनुरोध मैसेज तिवारी की ओर बढ़ा दी हुई। खेल खिलाई आंटी जी यह वाला अमरुद बहुत मीठा है। आप यह खाओ प्लीज वह तो एक दम खट्टा था। मुझे तिवारी ठगी सी खड़ी मीरा के निर्दोष चेहरे को निहारती रह गई।
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