भरोसा

पूरे देश में अनलॉक हो चुका था। सभी अपने-अपने कामों में व्यस्त हो चुके थे। व्यापार-व्यवस्था फिर से गति पकड़ने लगा था। अमन कॉलोनी में कुछ आवश्यक सामान लेने निकला तो देखा कि संतोषी लाल जी की दुकान के आगे लाइन लगी थी। अमन कुछ देर इंतजार कर दुकान में पहुंच गया। अमन ने सामान खरीदने के बाद संतोषी लाल जी से आज फिर पूछ लिया। अंकल जी आपकी दुकान पर आजकल बहुत लंबी लाइन होती है। जबकि सामने वाले अंकल के यहां तो अब कोई दिखाई ही नहीं देता संतोषी लाल जी संतोषी हंसी हंसते हुए बोले बेटा उन्होंने लॉकडॉन के समय पैसा कमाया और हमने भरोसा। 


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