संस्कार !

वंश परंपरा बनाएं रखने के लिए व्यास जी ने गांधारी तथा कुंती दोनों को वर मांगने के लिए कहा। गांधारी ने 100 पराक्रमी पुत्र मांगे। किंतु कुंती ने पांच वीर और संस्कारी पुत्र मांगे। इतिहास साक्षी है कि सौ पुत्रों का पालन करने में समर्थ गांधारी, उनमे संस्कार ना बैठा सकी। निर्वाह के लिए परेशान रहकर भी कुंती पांच पुत्रों को संस्कार देने में सफल रही। गांधारी के सौ पुत्र मारे गए किंतु कुंती के पांच पुत्रों का इतिहास स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया। 


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

ज़रूरतमंद लोगों तक यथासंभव तथा यथाशीघ्र सहायता पहुंचाई रिमोना सेनगुप्ता ने

'कमिश्नरी' बनने के बाद क्राइम में कमी नहीं आई:तरुण भारद्वाज

बुजुर्गों का सम्मान!

कर्मचारियों एवं मजदूरों को अपना जीवन यापन में समस्या का सामना न करना पड़े: DM

नोएडा: अनुमति के बाद भी शुरू नहीं हो पाएंगी फ़ैक्टरिया

Oil & Gas: Pre Budget Reflections

पिता पुत्र का अनोखा रिश्ता