रिश्ता
मैंने मां बनने के बाद जाना कि यह एहसास क्या होता है। अपने ही फूल पर जब शबनम मोती बनके चमके तो निखार क्या होता है। अपने ही शाख का पत्ता मुरझाने लगे तो दर्द का आभास क्या होता है। दिल का धड़कन से रिश्ता क्या होता है। मासूम आंखों में बसी है दुनिया उनकी खुशियों से हमारा बंधन क्या होता है? उनकी ख्वाहिशों और उम्मीदों की उड़ान से भरा हमारा एक और आसमान क्या होता है ?सागर का लहरों से और लहरों का सागर से रिश्ता क्या होता है? अपने हाथों की लकीरों में जुड़ जाती है कितनी लकीरें आंखों का उनके सपनों से रिश्ता फिर क्या होता है? बादल का आसमान से और सूरत का किरणों से रिश्ता क्या होता है? मां व औलाद के रिश्ते के किस्से पढ़ा करते थे। किताबों कहानियों मैं जिंदगी के पड़ा वो में अनुभवों के खजाने जुड़े तो जाना इस रिश्ते का रंग इतना गहरा क्यों होता है।
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