रेरा के आदेशों का पालन कराया जायेगा, तहसीलदार तक नहीं मानते निर्देशों को
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश रेरा आदेश तो दे देता है लेकिन उसपर जिले के अधिकारी अमल नहीं करते। न जिलाधिकारी न तहसीलदार, रेरा के द्वारा निर्देशों का कभी अनुपालन नहीं हुआ। नोएडा दर्पण ने इस सम्बंद में तीन महीने पहले रिपोर्ट्स छापी थी कि जिला प्रशाशन बिल्डरों से पैसा खा लेता है और रेरा के आदेशों को दरकिनारे रख देता है। व् लिखा रेरा से निवेशकों का कोई भला नहीं होगा इसलिए इसे बंद कर देना चाहिए। जब अधिकारी खुद ही निर्देशों का अनुपालन नहीं करवानेगे तो रेरा स्थापित करने का कोई फायदा नहीं होगा।
सरकार को या आला अधिकारिओ को इस सम्बंद में जांच करनी चाहिए कि रेरा ने कितने निर्देश जारी किये और जिला प्रसाशन ने कितनो का अनुपालन किया और अगर नहीं किया तो क्या कारण थे। साथ ही इस दोरान इनकी खातों की भी जांच होनी चाहिए ताकि भरस्टचारी अधिकारिओ के खिलाफ कार्यवाही भी की जा सके। देखा जाये तो रेरा पूरी तरह फ़ैल साबित हुआ है, कारन कुछ भी हो ?
बरहाल रेरा के आदेशों का पालन कराया जायेगा करने के लिए बनाई रणनीति ग्रेटर नोएडा ग्रेनो में 4 सितंबर 2018 को शुरू हुआ था, शुक्रवार को रेरा चेयरमैन राजीव कुमार ने सदस्यों व अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस से बैठक की खरीदारों को जल्द से जल्द कब्जा दिलाने के लिए मंथन किया गया। साथ ही आदेशों का पालन कराने के लिए रणनीति बनाई गई, उधर बिल्डरों द्वारा जानकारी नहीं देने से रेरा अपनी बुक लॉन्च नहीं कर सका। अब यह 14 सितंबर को लांच हो सकती है। रेरा ने बिल्डरों से कहा है कि वह हर हाल में प्रोजेक्ट की परमिशन वायरल सितंबर तक दे दे। साथ ही अकाउंट वेरीफिकेशन 15 सितंबर से पहले करा लें। 2 साल में खरीदार 28025 शिकायतें कर चुके हैं 21000 शिकायतों का निस्तारण हो गया है। अभी भी 5000 से अधिक आदेश लंबित हैं पालन नहीं करने पर 2000 मामलों में रिकवरी के चालान हो चुके हैं।
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