कमिश्नर साहब के संज्ञान में कौन लाएगा यह मामला
रोक के बावजूद भी खादर में कौन चलवा रहा है क्रेशर?
नोएडा। कई दशक से यमुना खादर में रोड़े तोड़ कर रेत बनाने का काम किया जा रहा था। प्रदूषण एवं जल दोहन को देखते हुए एनजीटी ने इस कार्य को असंवैधानिक करार देते हुए रोक लगा दी थी। इस आदेश के बाद तत्कलीन प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ने खादर में सैकड़ों क्रेशर बन्द करा दिये थे। कुछ महीने पूरी तरह लागातार बन्द होने के बाद पुलिस की सांठ-गांठ से चलते व बन्द होते रहे है। कमिश्नरी बनने के बाद प्रभावी अंकुश लगना चाहिये था लेकिन माफिया किस्म के ये लोग थाना सैक्टर 39 पुलिस की मिली भगत से क्रेशर चला कर हर रोज करोड़ों का अवैध कारोबार कर रहे है। रायपुर से असगरपुर तक सैकड़ो क्रेशर अवैध रूप से चल रहे है, यहां प्रश्न उठता है कि क्या कमिश्नर साहब के संज्ञान में यह मामला लाया गया है? यदि नहीं तो अवैध क्रेशर किसके संरक्षण में चल रहे है।
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