कानपुर पुलिस ने ऋचा दुबे और उसके नाबालिग बेटे को छोड़ा
नाबालिक बेटे को पकड़ कर हिरासत में रखना, पूरी तरह गैरकानूनी
उत्तर प्रदेश के मोस्ट वांटेड विकास दुबे को पुलिस ने शुक्रवार सुबह कानपुर शहर से 17 किमी पहले भौती में एनकाउंटर में ढेर कर दिया। उधर, गैंगस्टर विकास दुबे की पत्नी ऋचा और उसके नाबालिग बेटे को छोड़ दिया गया है। कानपुर के एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने बताया कि ऋचा की कानपुर शूटआउट में कोई भूमिका नहीं पाई गई। वारदात के समय ऋचा मौके पर मौजूद नहीं थी। हालांकि, नौकर महेश को अभी नहीं छोड़ा गया है। उससे पूछताछ जारी है। पुलिस द्वारा मोस्ट वांटेड विकास दुबे की पत्नी और नाबालिक बेटे को पकड़ कर हिरासत में रखना, पूरी तरह गैरकानूनी है। किसी भी न्यायप्रिय देश में ऐसा नहीं होता। गैरकानूनी तोर कानपूर पुलिस द्वारा नाबालिक को हिरासत में रखना और पुलिस की एनकाउंटर थ्योरी पर भी तमाम सवाल खड़े हो गए है, जिसका जवाब अब पुलिस को देना मुश्किल हो रहा है। और कोर्ट में पुलिस पर हत्या का मुकदमा चलेगा। जिस तरह से उत्तर प्रदेश के मोस्ट वांटेड विकास दुबे का एनकाउंटर हुआ है उससे पुलिस की थ्योरी सवालों के घरे में है।
विकास दुबे को गुरुवार सुबह उज्जैन मंदिर में करीब 9 बजे गिरफ्तार किया गया था। डरा हुआ हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तारी के वक्त चिल्ला रहा था कि मैं विकास दुबे हूं, कानपुर वाला। इसके बाद पुलिस उसे पहले महाकाल थाना, पुलिस कंट्रोल रूम, नरवर थाना और फिर पुलिस ट्रेनिंग सेंटर लेकर गई। यहां उससे करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई। उसके बाद एसटीएफ की टीम उसे लखनऊ आ रही थी। इस बीच रात करीब साढ़े आठ बजे विकास की पत्नी ऋचा, उसके बेटे और नौकर महेश को लखनऊ में हिरासत में लिया गया। तीनों को कानपुर ले जाया गया। जहां पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद आज दोपहर 12:20 बजे ऋचा और उसके बेटे को रिहा कर दिया गया।
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