नोएडा: 35 लोगों की नेगेटिव रिपोर्ट को बताया दिया कोरोना पॉजिटिव
पिछले 18 मई को ग्रेटर नोएडा की वीवो कंपनी के दो कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव मिले थे, इनकी गुरुग्राम की प्राइवेट लैब से जाच हुई थी। स्वास्थ्य विभाग ने शक होने पर इन्हें भर्ती कर दोबारा जाच के लिए सैंपल एनआइबी भेजा। लेकिन रिपोर्ट क्रॉस चेक में फेल हो गई। बाद में वीवो कंपनी के पदाधिकारियों ने भी उनके यहां कोई कोरोना मरीज न होने का हवाला दिया था। जांच में सामने आया था कि कर्मचारियों की जाच करने वाली प्राइवेट लैब आइसीएमआर से मान्य नहीं है। सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने लैब को नोटिस जारी कर जवाब मागा था। लेकिन वहा से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद 30 मई को एक साथ 8 लोगों की कोरोना रिपोर्ट क्रॉस चेक में फेल हो गई। इनकी जांच दिल्ली की पांच अलग-अलग प्राइवेट लैब से की गई थी। बाद में फिर पांच लोगों की रिपोर्ट गलत साबित हुई और कैलाश में भर्ती 20 मरीजों की 8 जून को एक साथ रिपोर्ट क्रॉस चेक में फेल होने पर स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया और प्राइवेट लैब से जाच कराने वाले प्रत्येक मरीज की क्रॉस जांच का निर्णय लिया।
लेकिन विभागीय अधिकारी भी इन लैब के खिलाफ कार्रवाई करने में बेबस है। सिर्फ नोटिस जारी कर अपनी जिम्मेदारियों को पूरा कर रहे हैं। खास बात यह है कि लगातार रिमाइंडर भेजने के बाद भी किसी लैब ने स्वास्थ्य विभाग को जवाब नहीं दिया है।
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