नोएडा: अनुमति के बाद भी शुरू नहीं हो पाएंगी फ़ैक्टरिया
एक तिहाही कामगारों से कितना उत्पादन हो सकेगा, ज्यादातर लेबर घरो को लोट चुकी है
रॉ मटेरियल अन्य राज्यों से लाना पड़ता है, लॉक डाउन के कारण मार्किट बंद
नोएडा । उत्तर प्रदेश प्रशासन और जिला प्रशासन ने काफी समय से बंद कारोबार को दोबारा शुरू करने के लिए कुछ औद्योगिक गतिविधियों के संचालन का निर्णय लिया है,तथा सुबकते ऑनलाइन पोर्टल जारी कर औद्योगिक गतिविधियों के संचालन का निर्णय लिया व कुछ (pick & Choose) औद्योगिक गतिविधियों व संचालको को अनुमति प्रदान कर दी है। जबकि हज़ारो अनुमति अभी भी पेंडिंग है। अपनी मनमर्जी के लिए प्रसिद्ध नोएडा व जिला प्रशासन की अधिकारिओ ने इसमें भी खूब गड़बड़िया की है जिससे नोएडा ग्रेटर नोएडा में मौजूद तमाम औद्योगिक इकाइयां खासी नाराज़ है।
फेडरेशन ऑफ़ नोएडा इंडस्टीज के महासचिव तरुण अनेजा ने बताया कि नोएडा के कुछ औद्योगिक सेक्टरों में अनुमति कन्टेनमेंट जोन में होने के कारण नहीं मिल रही और जो औद्योगिक सेक्टर कन्टेनमेंट जोन से बाहर है उन्हें प्राधिकरण की मनमानी के चलते अनुमति पेंडिंग है, तो कही बॉर्डर सील होने की वजह से इकाइयों तक आने में असमर्थ हैं। इसके अलावा दिल्ली हरियाणा से आने जाने पर रोक होने के कारण लेबर नहीं आ पा रही है तो ऐसे में कैसे उद्योग चलाये।
फेडरेशन ऑफ़ नोएडा इंडस्टीज के सचिव आर ० के ० सिंह के अनुसार उद्योगो को कच्चा माल नहीं मिलेगा तो कैसे चलेंगे। सरकार उद्योग खोलने से पहले ट्रांसपोर्ट और मंडी खोलने पर तो विचार करती। इसके अलावा अनुमति लेने के लिए न तो ऑनलाइन पोर्टल ठीक से चल रहा न ही समय पर अनुमति ही मिल रही है।
MSME एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र नाहटा के अनुसार सेक्टर -५,७,८,९ व १० में तकरीबन ४ से ५ हज़ार उद्योग है लेकिन इन सेक्टरों में झुग्गियां होने के कारण कन्टेनमेंट जोन बना हुआ है और उद्योग/ फ़ैक्टरिया खुल नहीं सकती, हॉट स्पॉट बने इन सेक्टरों में नोएडा की 1 /3 उद्योग है, हम चाहते है कि परेशानी का सबब बन चुकी इन झुग्गिओ को पहले हटया जाये। हम लोग परेशान हैं कोई समाधान नहीं मिल रहा।
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