सऊदी और यूएई की कई कंपनियों का कर्मचारियों को सैलेरी देने से इनकार

खाड़ी देशों में भारतीय, पाकिस्तानी मजदूर बेरोजगार हुए


भारत में लॉकडाउन से ज्यादा परेशानी दिहाड़ी मजदूरों को हो रही है। इसी तरह खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीय, पाकिस्तानी, नेपाली, बांग्लादेशी मूल के लोग भी बेहद ही खराब दौर से गुजर रहे हैं। वहां काम करने वाले मजदूरों के पास न तो पैसे हैं और न ही पर्याप्त खाना। साथ ही वे ट्रैवल बैन के कारण अपने देश भी वापस नहीं लौट पा रहे हैं। 


सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी की वर्ल्ड फैक्टबुक के मुताबिक, सऊदी अरब की कुल आबादी में एक तिहाई विदेशी हैं। यानी बहरीन और ओमान की आधी आबादी के बराबर ये लोग हैं। भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल जैसे देशों से आए लाखों लोग खाड़ी देशों के कारखानों में छोटे-मोटे काम करते हैं। सऊदी अरब और यूएई की कई कंपनियों ने विदेशी मजदूरों को घर पर बैठने का आदेश देकर सैलरी देने से मना कर दिया है।


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