संतो के हत्यारो को फांसी दी जाये
संतों ही हत्या ना केवल अयोध्या के संत-धर्माचार्य आक्रोशित हैं बलिक इससे पुरे देश में नाराजगी है। सभी ने पीएम नरेंद्र मोदी से दोषियों को फांसी की सजा दिलवाने की मांग की है। वहीं, हनुमान गढ़ी के पुजारी राजू दास मंदिर परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने कहा कि वारदात के समय मौजूद पुलिसवालों को भी हत्या का मुकदमा दर्ज कर सलाखों के पीछे भेजा जाए। जब तक यह कार्रवाई नहीं होती, वह धरने पर बैठे रहेंगे।
अनंत श्री स्वामी अमृतानंद देवतीर्थ श्रीमद जगतगुरू शंकराचार्य ने भी मांग की है कि संतो की हत्या किसी धर्म विशेष के खिलाफ षड्यंत्र है, तथा महाराष्ट्र सरकार ऐसे लोगो के खिलाफ कुछ नहीं कर रही, उन्होंने भी पीएम नरेंद्र मोदी से दोषियों को फांसी की सजा दिलवाने की मांग की है।
अखिल भारतीय चतुर संप्रदाय के पुजारी संकट मोचन हनुमान किला के महंत परशुराम दास ने कहा, जब से महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार बनी है, वहां संतों और हिंदुओं पर अत्याचार बढ़ा है। उन्होंने कहा, संप्रदाय के अध्यक्ष कायाकल्पी संत बर्फानी दादाजी महाराज और खालसा परिषद के अध्यक्ष टीला गद्दाद्वाराचार्य मंगल पीठाधीश्वर महंत माधवाचार्य ने भी कहा है कि हत्यारों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। ऐसा न होने पर लॉकडाउन के बाद संत समाज महाराष्ट्र में बड़ा आंदोलन करेगा। हनुमान गढ़ी अखाड़े के प्रधान पुजारी रमेश दास ने साधुओं की हत्या को साजिश बताया है।
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