सभी निजी अल्पसंख्यक संस्थानों में नीट के जरिए ही होगा एडमिशन: सुप्रीम कोर्ट

शिक्षा व्यापार की चीज बन गई है: सुप्रीम कोर्ट


नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की पीठ ने बुधवार को कहा कि देश में निजी गैर-सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक संस्थानों में प्रवेश नीट के जरिए ही दिए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस कॉमन इंट्रेंस टेस्ट से अल्पसंख्यक संगठनों के अधिकार प्रभावित नहीं होते हैं। दरअसल, निजी गैर-सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक संस्थानों ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी। इसमें कहा गया था कि नीट के जरिए प्रवेश धार्मिक स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार के खिलाफ का राग अलापा गया है। जबकि नीट के तहत आने से धार्मिक अधिकार किसी भी प्रकार से कम नहीं होता।  


इस मामले पर सुनवाई के बाद पीठ ने अपने फैसले में कहा, ‘‘अल्पसंख्यक संस्थानों के नीट के तहत आने से उनके अधिकारों का कोई उल्लंघन नहीं होता है। वर्तमान में शिक्षा, दान के अपने वास्तविक चरित्र से हट गई है। अब यह व्यापार की चीज बन गई है। एडमिशन में होने वाले भ्रष्टाचार और बुराइयों का सफाया करने के लिए नीट लाई गई थी। यह देश के हित में है। प्रवेश प्रक्रिया में अभी कई खामियां हैं, जिन्हें दूर करने की जरूरत है।’’ फैसला देने वाली पीठ में जस्टिस अरुण मिश्रा, विनीत शरन और एमआर शाह शामिल थे।



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