सांसद राहुल गांधी ने की ऑयल कीमते घटाने की मांग, कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा ने किया विरोध
विश्व भर में क्रूड ऑयल की कीमतों में कोरोना महामारी के बाद लगातार रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है। इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की घटी कीमतों का असर भारत की राजनीति पर भी देखने को मिल रहा है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व वरिष्ठ नेता - वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने हाल ही में क्रूड ऑयल की घटी हुई कीमत को लेकर ट्वीट कर कहा था कि तेल के दाम शून्य से भी कम हो गए हैं, फिर भी भारत में दाम कम नहीं हो रहे हैं। उन्होंने तेल की कीमत घटाने की मांग की थी। राहुल गांधी की इस मांग का उनकी ही पार्टी के बड़े नेता मिलिंद देवड़ा ने विरोध किया है। मिलिंद देवड़ा द्वारा राहुल गाँधी की मांग का विरोध देखकर लगता है पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं है। यह पहला अवसर है कि पार्टी के ही एक वरिष्ठ नेता ने राहुल गाँधी की बात का खुलकर विरोध किया हो।
मिलिंद देवड़ा ने राहुल गाँधी को जवाब देते हुए कहा कि भारत ब्रेंट क्रूड का इंपोर्ट करता है न कि डब्ल्यूटीआई क्रूड का। डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमत सोमवार को निगेटिव में चली गई थी। देवड़ा ने कहा है कि गाड़िया चल नहीं रही हैं, इसलिए तेल के दामों में कटौती का उपभोक्ताओं को कोई फायदा नहीं होगा। ऐसे में दाम कम करने की मांग का कोई औचित्य नहीं है। देवड़ा ने जो तीसरी बात कही वह यह है कि रुपए की कीमत घटने से क्रूड के दाम घटने का फायदा नहीं हो रहा है। उनके कहने का मकसद यह है कि भारत को तेल का इंपोर्ट बिल डॉलर में चुकाना पड़ता है।
मिलिंद देवड़ा के इस बयान पर कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मोर्चा सँभालते हुए जवाब दिया कि अमेरिका अब भारत का 6ठा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता है। वर्ष 2019-20 के 6 महीनों में, हमने अमेरिका से 54 लाख टन कच्चे तेल का आयात किया। इसके अलावा, उत्तर भारत में अब फसल की कटाई का मौसम है, डीजल के साथ हार्वेस्टर्स ट्रैक्टर और ट्रक फिर से सप्लाई चेन को आगे बढ़ा रहे हैं।'
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