कांग्रेस को सता रहा भितरघात का डर
टिकट वितरण के बाद अब रूठों को मनाने में भी कांग्रेस की सांसें फूल रही है। उम्मीदवार न बनाए जाने से अनेक नेता और उनके कार्यकर्ता नाराज चल रहे हैं। ऐसे में पार्टी को भितरघात का खतरा भी सता रहा है, इसलिए ऐसे नेताओं-कार्यकर्ताओं को समझाने के लिए साम, दाम, दंड, भेद की नीति पर चला जा रहा है।
70 में से दो दर्जन विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां टिकट वितरण को लेकर पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं में काफी नाराजगी है। ऐसी सीटों में नरेला, तिमारपुर, बवाना, त्रिनगर, सदर बाजार, द्वारका, मटियाला, बिजवासन, नई दिल्ली, चांदनी चौक, कस्तूरबा नगर, छतरपुर, ओखला, कृष्णा नगर, रोहतास नगर, घोंडा, कोंडली मुस्तफाबाद इत्यादि सीटें प्रमुख रूप से शामिल हैं। चार सीटें बुराड़ी, उत्तम नगर, किराड़ी और पालम गठबंधन के तहत राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को दे दिए जाने से यहां के दावेदार और कार्यकर्ता भी नाराज हैं।
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