धर्म के आधार पर नागरिकता देना गलत: शशि थरूर
शशि थरूर ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर केंद्र सरकार पर हमला किया। उन्होंने कहा कि मजहब के हिसाब से नागरिकता देना पाकिस्तान की सोच है। महात्मा गांधी की नहीं। सीएए जिन्ना की सोच की तरफ बढ़ने का पहला कदम है। इसके बाद एनआरसी और एनपीआर इसे और आगे बढ़ा रहा है।
थरूर ने आगे कहा कि हमारा देश सभी मजहबों का देश है। अगर आप किसी मजहब के नहीं हो तो भी ये आपका देश है। मैं ये नहीं कहूंगा कि जिन्ना जीत गया है। लेकिन हम उसी तरफ जा रहे हैं। क्योंकि ये कानून जिन्ना का लॉजिक था। जो कहता था कि धर्म देश का आधार होना चाहिए। गांधी जी ने कहा था कि मेरे देश में सभी धर्म बराबर हैं और रहेंगे। सीएए लागू करने से देश पर फर्क तो पड़ा है। तभी इतना विरोध हो रहा है।
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