प्राधिकरण के अधिकारी RTI का भी जवाब नहीं देते
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण से सरकार बदलने के बाद भी भ्रष्टाचार का वही आलम हैं। उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार लाख दवा करे कि प्रदेश में भ्रष्टाचार पहले से कम हो गया है लेकिन देखने में आता है कि प्राधिकरण में भ्रष्टाचार बढ़ गया है और जवाबदेही कम हो गई है। हालात यह है कि अब अधिकारी RTI का भी जवाब नहीं देते है और अगर देते भी तो दोनों इस कदर घुमाफिरा कर की उसका कोई मतलब नहीं निकलता।
नोएडा प्राधिकरण में फेडरेशन ऑफ़ नोएडा इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष तरुण भारद्वाज ने RTI दाखिल के भवन निर्माण के लिए समय वृद्धि के संबंध में जानकारी मांगी जिसके जवाब में आवासीय द्वारा मांगी गई जानकारी पट्टा प्रलेख में उल्लेखित है व प्रश्न संख्या 2 व 3 जिसमे बिना बुनयादी दिए भूखंड स्वामी से समय वृद्धि शुल्क जमा करने संबंधी जानकारी को प्रश्नवाचक बताकर देने में इंकार कर दिया, जोकि RTI एक्ट का सरासर उल्लघन है इस संबंध में फेडरेशन के अध्यक्ष ने बताया कि प्राधिकरण के कुछ अधिकारी-कर्मचारी इसमें भ्रष्टाचार कर रहे हैं जबकि इस संबंध में नियम स्पष्ट है कि जबतक प्राधिकरण आवंटियों को बिजली पानी सीबर व सड़के बना नहीं देता तब तक उसे नि:शुल्क समयवृद्धि दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का आवासीय विभाग के अधिकारियो को नियमो का ज्ञान होते जानबूझ कर पैसे ऐठने के लिए ऐसा कर रहा हैं।
उन्होंने बताया कि प्राधिकरण के जवाब के खिलाफ राजकीय RTI अध्यक्ष के पास अपील की गई हैं।
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