एसडीएम जवाहर, सुनील और लवकुमार की वेतन वृद्धि रुकेगी

लखनऊ। योगी सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई कार्रवाई - तीनों एसडीएम सीतापुर में तहसीलदार रहे थे - रिटायर सहायक चकबंदी अधिकारी की पेंशन में होगी कटौती राज्य मुख्यालयकैबिनेट ने तीन एसडीएम सहित चार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को मंजूरी दी गई है, उनमें एसडीएम प्रयागराज जवाहर लाल श्रीवास्तव, एसडीएम जालौन सुनील कुमार शुक्ला, एसडीएम अयोध्या लव कुमार सिंह और रिटायर सहायक चकबंदी अधिकारी दलसिंगार तिवारी शामिल हैं। राज्य सरकार के प्रवक्ता कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई है। उन्होंने बताया कि तत्कालीन सहायक चकबंदी अधिकारी (अब रिटायर) द्वारा की गई अनियमितता के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई की गई थी। जिसमें दोषी पाए जाने पर इनके खिलाफ पेंशन से 10 फीसदी धनराशि की स्थाई कटौती के लिए यूपी लोकसेवा आयोग से सिफारिश की गई थी लेकिन लोकसेवा आयोग ने कटौती की समय सीमा पांच साल तय करने को कहा। जिसे राज्य सरकार ने अस्वीकार करते हुए कैबिनेट में 10 फीसदी स्थाई पेंशन कटौती का दंड देने का फैसला बहाल रखा। इसी तरह सीतापुर में तहसीलदार रहे वर्तमान एसडीएम जवाहर लाल श्रीवास्तव, सुनील कुमार शुक्ला और लव कुमार सिंह को हरगांव में अवध सुगर मिल द्वारा अवैध कब्जा की गई 1.3 हेक्टेयर जमीन से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई करनी थी, लेकिन इनके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिससे इनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के आदेश किए गए। जांच में दोषी पाए जाने पर इन तीनों के खिलाफ तीन वेतन वृद्धि रोकी गई। लेकिन यूपी लोक सेवा आयोग ने इसे मंजूरी नहीं दी तो कैबिनेट ने सरकार के फैसले को बहाल रखा।


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