खतरनाक छिपकली है कोमडो ड्रैगन
छिपकली का नाम सुनते ही हम किसी दीवार पर लाइट के आसपास उसके होने की उम्मीद करते हैं पर, यहां हम ऐसी छिपकली के बारे में बताने जा रहे हैं जो न सिर्फ जमीन पर दौड़ते हुए हिरण अथवा सूअर जितने बड़े जानवर को आसानी से अपना शिकार बनाने माहिर है बल्कि पेड़ोें पर चढ़कर पक्षियों को भी चट कर जाती है। जी हां, इंडोनेशिया के पूर्वी द्वीपों कोमोडो, रिंका और पडार में पाई जाने वाली कोमोडो डैªगन एक ऐसी ही छिपकली हैै। इसका वजन 70 से 95 किलोग्राम तक होता है। प्रतिघंटा 15 किलोमीटर तक दौड़ने के अलावा यह पानी में तैरना भी जानती है। मादा कोमोडो डैªगन एक बार में तीस तक अंडे देती है जिनसे बच्चे निकलने में आठ महीने का समय लगता है, पैदा होते समय इसके बच्चों की लंबाई 50 सेमी. तक होती है, जबकि वयस्क होने तक इसकी लंबाई 2 से 3 मीटर तक हो जाती है, यह छिपकली की सबसे विशाल प्रजाति है।
कोमोडो डैªगन स्वयं तो निराली है ही साथ ही इसके शिकार का अंदाज भी अनोखा है, सामान्यतः जानवर अपने पैरों से अथवा मुंह से शिकार को पकड़ते हैं पर कोमोडो डैªगन अपना शिकार पूंछ से करती है। यह अकेले ही अपने भोजन पर हाथ साफ करना पसंद करती है। इसके भोजन की मात्रा भी गजब की है, अपने वजन के बराबर भोजन को यह आसानी से पचा सकती है यानि लगभग 100 किलो तक भोजन इसकी डाईट में शामिल है। यह भैंस अथवा इंसान तक को खा सकती हैै। भोजन में यह सड़ा हुआ मांस, पक्षी, पक्षियों के अंडे या किसी निरीह कमजोर जानवर को खाने का मौका नहीं चूकती, ये इसके पसंदीदा भोजन हैं। भोजन को सूंघने की क्षमता भी इतनी कि आठ किलोमीटर दूरी पर यदि सड़ा मांस पड़ा हो तो इसे पता चल जाता है। इसके तीखे दांत और मजबूत जबड़े भोजन को आसानी से चबाने की क्षमता रखते हैं। इसका मुंह इतने विशैले बैक्टेरियाओं से भरा होता है कि यदि कोई जानवर इसके हमला करने के बाद छूट कर भाग भी निकले तो 24 घंटे के अंदर ब्लड इन्फेक्शन से उसकी मौत हो सकती है। यह 300 मीटर की दूरी तक देख सकने की क्षमता रखती है।
सामने आने पर इंसान की रूह को कंपाने की क्षमता रखती है कोमोडो डैªगन। इसका साईंटिफिक नाम वारनस कोमोडोएनसिस है, इसे ओरा के नाम से भी जाना जाता है। यह एक तरह की गोह है। वर्तमान में इनकी संख्या बहुत ही कम लगभग 4000 तक ही रह गई है।
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