कई मामलों आरोपी है चिदंबरम और उनका परिवार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी० चिदंबरम को दिल्ली उच्च न्यायालय ने आईएनएक्स मीडिया मामले में गिरफ्तारी से राहत देने से इनकार कर दिया। वहीं उनके पुत्र कार्ति चिदंबरम के खिलाफ एयरसेल मैक्सिस भ्रष्टाचार मामले और धन शोधन मामले में मुकदमा चल रहा है।
गौरतलब है आईएनएक्स मीडिया मामले में सीबीआई ने 2017 को प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि 2007 में जब चिदंबरम वित्त मंत्री थे, तब 305 करोड़ रुपये की विदेशी धनराशि प्राप्त करने के लिए मीडिया समूह को दी गई विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड मंजूरी में अनियमितताएं बरती गई। प्रवर्तन निदेशालय ने इस संबंध में 2018 में धनशोधन का एक मामला दर्ज किया। दोनों को निचली अदालत ने गिरफ्तारी से 23 अगस्त तक अंतरिम राहत प्रदान की है।
एयरसेल मैक्सिस मामलों में पूर्व केंद्रीय मंत्री चिदंबरम को पहली बार पिछले साल जुलाई में अंतरिम राहत मिली थी। इसके बाद समय-समय पर उनकी अंतरिम राहत की अवधि बढ़ाई जाती रही है। सीबीआई जांच कर रही है कि 2006 में वित्त मंत्री के पद पर रहते हुए चिदंबरम ने एक विदेशी कंपनी को एफआईपीबी मंजूरी कैसे दे दी, क्योंकि ऐसा करने का अधिकार केवल आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति के पास ही होता है। धनशोधन के एक अलग मामले में एजेंसी चिदंबरम से पूछताछ कर चुकी है और उनकी अग्रिम जमानत याचिका लंबित है।
सारदा घोटाला:
चिदंबरम की पत्नी नलिनी के खिलाफ सीबीआई सारदा चिटफंड घोटाले में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। उन पर 1.4 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत लेने का आरोप है। इस साल फरवरी में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उन्हें मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी थी।
एयर इंडिया खरीद मामला:
ईडी ने चिदंबरम से एयर इंडिया से जुड़े एक खरीद मामले की जांच में सहयोग करने को कहा था।
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